Wednesday, December 1, 2021

चीन में बना पाकिस्तानी युद्धपोत 'तुग़रिल' भारतीय नौसेना के लिए कितनी बड़ी चुनौती?

  • उमर फ़ारूक़
  • रक्षा विश्लेषक

युद्धपोत

इमेज स्रोत, PAKISTAN NAVY

हाल ही में चीन में निर्मित युद्धपोत तुग़रिल के पाकिस्तानी नौसेना में शामिल होने की ख़बर को भारतीय मीडिया में काफ़ी कवरेज मिली है. और रक्षा विश्लेषक सवाल पूछते दिखाई दिए हैं कि क्या ये ‘फ्रीगेट’ (युद्धपोत) चीन और पाकिस्तान के बीच सहयोग का उदाहरण होने के साथ-साथ भारत की पाकिस्तान पर पारंपरिक नौसेना बढ़त को चुनौती तो नहीं देगा?

कुछ दिनों पहले, पाकिस्तानी नौसेना ने चीन में निर्मित 054एपी युद्धपोत ख़रीदा है, जो नौसेना के अधिकारियों के अनुसार, सतह से सतह, सतह से हवा और पानी के नीचे जंगी कार्रवाई करने में सक्षम है.

पाकिस्तानी नौसेना के शीर्ष अधिकारियों के अनुसार इस युद्धपोत को ‘पीएनएस तुग़रिल’ नाम दिया गया है.

‘तुग़रिल’ युद्धपोत ‘प्रदर्शन की उत्कृष्ट मिसाल’

संपर्क करने पर, पाकिस्तान नौसेना के मीडिया विंग के महानिदेशक, कैप्टन राशिद ने कहा कि तुग़रिल वर्ग का पहला युद्धपोत, ‘एचज़ेड’ शिपयार्ड, शंघाई (चीन) में बना है. इसी तरह के तीन और युद्धपोत हैं, जो अगले साल के अंत तक पाकिस्तानी नौसेना में शामिल हो जायेंगे. उनके मुताबिक़ इन जहाज़ों को नौसैनिक बेड़े में शामिल करने से नौसेना की ताक़त बढ़ेगी.

वीडियो कैप्शन,

जब भारत की मिसाइल बोटों ने किया कराची पर हमला- Vivechna

उन्होंने आगे कहा कि इस युद्धपोत पर लगे हथियारों और सेंसर के कारण, ये “प्रदर्शन की उत्कृष्ट मिसाल” हैं जो समुद्र में कई तरह के ऑपरेशन करने में सक्षम हैं. इसमें ज़मीन पर, हवा में और पानी में पनडुब्बियों को निशाना लगाने की क्षमता शामिल है.

4 हज़ार टन भार के युद्धपोत मिलने से आवश्यक डिटेरेंस (रक्षा क्षमता) मिलेगी, जिसका मतलब समुद्री सीमाओं और तटीय क्षेत्रों के लिए संभावित ख़तरों को समाप्त करना होगा, साथ ही समुद्री परिवहन के साधनों को सुरक्षित करने में भी मदद मिलेगी.

कैप्टन राशिद ने कहा कि पीएनएस तुग़रिल कल चीन से अपनी यात्रा शुरू करेगा और यह मनीला, मलेशिया और श्रीलंका सहित क्षेत्रीय ठिकानों से होते हुए एक महीने में पाकिस्तान पहुंचेगा.

कैप्टन राशिद के अनुसार, 054एपी प्रकार का एक और फ्रिगेट (युद्धपोत) अगले छह महीनों में पाकिस्तान को मिल जाएगा और अगले छह महीने बाद तीसरा युद्धपोत भी हमारे बेड़े में शामिल हो जायेगा. इस तरह साल के अंत तक हमें मिलने वाले चारों युद्धपोत हासिल करने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी.

इमेज स्रोत, @PAKISTANNAVY

पाकिस्तानी नौसेना के अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र के सुरक्षा पहलुओं के संदर्भ में, तुग़रिल कैटेगरी के युद्धपोत पाकिस्तान की नौसेना की समुद्री और नौसेना ताक़त को मज़बूत करेंगे और समुद्री मोर्चे पर रक्षा को सुनिश्चित करने और आने वाली चुनौतियों का सामना करने में मदद करेंगे.

अधिकारियों के अनुसार, ये हिंद महासागर क्षेत्र में शक्ति संतुलन को ठीक करेंगे और शांति और स्थिरता सुनिश्चित करेंगे.

पाकिस्तान नौसेना मामलों के विशेषज्ञों के अनुसार, तुग़रिल श्रेणी के युद्धपोतों को पाकिस्तानी नौसेना के अब तक के सबसे ज़्यादा आधुनिक युद्धपोतों की सूची में शामिल किया गया है.

बीबीसी से बात करते हुए, पाकिस्तानी रक्षा विश्लेषक शाहिद रज़ा ने कहा कि आज तक पाकिस्तानी नौसेना के बेड़े में जितने भी जहाज़ शामिल हुए हैं, 054एपी प्रकार का युद्धपोत उन सभी में सबसे आधुनिक जंगी कार्रवाई की क्षमता वाला युद्धपोत है.

उनके मुताबिक़ इन युद्धपोतों के आने से पाकिस्तानी नौसेना की जंगी कार्रवाई की क्षमता कई गुना बढ़ गई है और इसका दायरा भी बढ़ गया है. ये युद्धपोत चीनी नौसेना द्वारा वर्तमान में उपयोग किए जाने वाले अत्याधुनिक युद्धपोतों में से हैं.

नौसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, “पाकिस्तानी नौसेना के बेड़े में इन युद्धपोतों के शामिल होने और उनके चीनी निर्मित एफ़-22पी फ्रिगेट के मिलने से पाकिस्तानी नौसेना का चीनी नौसेना के साथ कई गुणा सहयोग बढ़ जाएगा. और पाकिस्तानी नौसेना चीनी नौसेना की एक प्रमुख साझेदार बन जाएगी.

हाल के दिनों में, पाकिस्तानी नौसेना ने अपने बेड़े के आधुनिकीकरण पर ख़ास ध्यान दिया है और इस संबंध में एक बड़े प्रोग्राम पर काम किया जा रहा है.

इमेज स्रोत, PAKISTAN NAVY

भारत और पाकिस्तान की नौसेना की ताक़त की तुलना

कुछ हालिया भारतीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारत के पास वर्तमान में 17 पनडुब्बियां हैं (16 डीज़ल से और एक परमाणु ऊर्जा द्वारा संचालित है). पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक़, पाकिस्तान के पास डीज़ल से चलने वाली नौ पनडुब्बियां हैं. फ्रिगेट की तुलना की जाये तो भारत को पाकिस्तान पर बढ़त हासिल है.

लेकिन अगर चीन के संदर्भ में देखें तो स्थिति काफ़ी अलग है. अमेरिकी रक्षा विभाग के एक बयान के मुताबिक़ पानी के जहाज़ों के लिहाज़ से चीन के पास दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना है.

साल 2020 के अंत तक, चीनी नौसेना के पास 70 से अधिक पनडुब्बियां (एसएसबीएन) थीं, जिनमें से सात परमाणु-संचालित और मिसाइलों से लैस हैं. 12 न्यूक्लियर अटैक सबमरीन (एसएसएन) हैं, और 50 डीजल से चलने वाली अटैकिंग सबमरीन भी चीनी नौसेना में मौजूद हैं.

वीडियो कैप्शन,

‘पनडुब्बी मामले’ में चीन-अमेरिका में तक़रार

पाकिस्तानी नौसेना मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि 054ए/पी प्रकार के युद्धपोतों को एक बड़ी सफलता माना जा सकता है. साल 1970 के 21 पूर्व ब्रिटिश फ्रिगेट्स जो पाकिस्तान को साल 1990 में मिले थे, उनकी तुलना में ये जहाज़ ख़ासकर पनडुब्बियों के ख़िलाफ़ जंग में विशेषज्ञता और क्षमता के मामले में बहुत ही कुशल और प्रभावी हैं.

हालांकि, इन विशेषज्ञों के मुताबिक़ भारतीय नौसेना ने क्षमता और संख्या के मामले में पाकिस्तान पर अपनी बढ़त बनाए रखी है. हथियारों के वैश्विक बाज़ार में भारत को आधुनिक हथियारों का सबसे आकर्षक ख़रीदार माना जाता है और इस सचाई ने यूरोप, अमेरिका और रूस के हथियार निर्माताओं को भारत की ओर आकर्षित किया है.

भारतीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत सरकार ने अगले दस वर्षों में 56 युद्धपोत ख़रीदने की योजना को मंज़ूरी दी है.

एक रक्षा विशेषज्ञ के अनुसार, दूसरी ओर, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पूंजी की कमी से जूझ रही है, इसलिए फ्रिगेट और पनडुब्बियों सहित आधुनिक हथियार हासिल करने के लिए, पाकिस्तान ने अपने सैन्य सहयोगी चीन की तरफ़ क़दम बढ़ाया है.

आमतौर पर यह माना जाता है कि चीनी हथियार कंपनियां पाकिस्तान को ख़ास क़ीमतों पर हथियार बेचती हैं.

पाकिस्तानी नौसेना में शामिल कुछ युद्धपोत आधुनिक मिसाइल प्रणालियों से उत्पन्न ख़तरे का सामना करने में असमर्थ हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तानी नौसेना में तुग़रिल युद्धपोत को शामिल करने से स्थिति में सुधार हो सकता है.

‘तुग़रिल’ का आना और ‘ख़तरे की घंटी’

पाकिस्तानी नौसेना में तुग़रिल को शामिल करने को भारतीय मीडिया में बड़ा कवरेज मिला है और ज़ाहिरी तौर पर, पाकिस्तानी नौसेना की क्षमता बढ़ने की तुलना में, भारत को चीनी सेना के हिंद महासागर में मौजूद होने से ज़्यादा ख़तरा है.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक़, पाकिस्तानी नौसेना के आधुनिकीकरण और नौसैनिक ठिकानों के मिलने से हिंद महासागर और अरब सागर में चीनी नौसेना की मौजूदगी बढ़ेगी. पाकिस्तान अत्याधुनिक युद्धपोत के अलावा चीन से आठ पनडुब्बियां भी लेने जा रहा है, जो पाकिस्तानी नौसेना के आधुनिकीकरण का हिस्सा है.

ब्रोकिंग्स इंस्टीट्यूट द्वारा जून 2020 में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, “पिछले तीन दशकों में, चीन ने हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति और गतिविधियों में काफ़ी वृद्धि की है. चीन की नौसैना की शक्ति में इस वृद्धि और तथाकथित ‘क़र्ज़ में फंसाने’ की कूटनीति से अमेरिका और भारतीय युद्ध योजनाकारों में डर बढ़ा है. जिससे चीन अपनी समुद्री सीमाओं से आगे बढ़ कर एक अतिरिक्त सैन्य क्षमता हासिल कर लेगा.

हिंद महासागर क्षेत्र में पीएलए नेवी की बढ़ती उपस्थिति और पाकिस्तानी नौसेना के साथ बढ़ते सहयोग ने विशेष रूप से भारत में चिंताएं बढ़ा दी हैं.

भारतीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, पाकिस्तानी और भारतीय नौसेनाओं के बीच बहुत बड़ा अंतर है. भारतीय मीडिया ने ग्लोबल फ़ायर इंडेक्स नामक वेबसाइट का हवाला दिया है, ये वेबसाइट दुनिया भर की सेनाओं की ताक़त का विश्लेषण करती है. उनके अनुसार, भारत के पास वर्तमान में 285 युद्धपोत हैं जबकि इसकी तुलना में पाकिस्तान के पास केवल 100 युद्धपोत हैं.

ब्रोकिंग इंस्टीट्यूशन की एक रिपोर्ट के अनुसार, आईओआर (इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन) में, हाल के वर्षों में पीएलएएन की ज़्यादातर यात्राएं पाकिस्तान की ही हुई हैं, चीनी युद्धपोतों के बारे में ये माना जा रहा है, कि वे कराची शिपयार्ड में सभी सुविधाओं का पूरा उपयोग कर रहे हैं.

पाकिस्‍तान की नौसेना अब चीन की हिंद महासागर रणनीति का हिस्‍सा बन गई है

बीबीसी से बात करते हुए, भारत के एक प्रसिद्ध नौसैनिक और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ राजा मोहन ने कहा कि इन युद्धपोतों और दूसरा सामान मिलने से भारत पाकिस्तान की नौसेना के बीच संतुलन में बदलाव होने की कोई संभावना नहीं है.

उन्होंने कहा, कि भारत के लिए चिंता का विषय यह होना चाहिए कि पाकिस्तान की नौसेना अब चीन की हिंद महासागर की रणनीति का हिस्सा बन गई है. हिंद महासागर में चीन की नौसैनिक शक्ति के प्रदर्शन का हिस्सा अब पाकिस्तान भी बन गया है.

इमेज स्रोत, EPA/DIVYAKANT SOLANKI

पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि पीएनएस तुग़रिल के आने से पीपुल्स लिबरेशन आर्मी और पाकिस्तानी नौसेना की संयुक्त प्रणाली के तहत सूचनाओं के आदान-प्रदान और संचालन की क्षमता में कई गुणा वृद्धि हो जायेगी. दोनों देशों की नौसेनाओं ने इस व्यापक संयुक्त अभियान के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कई संयुक्त अभ्यास किए हैं.

पाकिस्तान नौसेना के अधिकारियों के अनुसार, 54 एपी प्रकार के पीएनएस तुग़रिल युद्धपोत विभिन्न प्रकार के कार्यों को करने में सक्षम हैं. “पाकिस्तानी नौसेना के मुख्य बेड़े में इनकी अहमियत प्रमुख स्तंभ की होगी और पाकिस्तान के नौसैनिक मोर्चे पर रक्षा क्षमता को और मज़बूती मिलेगी.”

पाकिस्तानी नौसेना ने साल 1993 और 1994 के बीच ब्रिटिश रॉयल नेवी से चार युद्धपोत लिये थे. चार जहाज़ों पीएनएस बद्र, पीएनएस टीपू सुल्तान, पीएनएस बाबर और पीएनएस शाहजहां को उनका कार्यकाल पूरा होने पर, उन्हें बेड़े से हटा दिया गया था.

पाकिस्तान की नौसेना ने चीन से 054 एपी प्रकार के युद्धपोत ख़रीदे और उन्हें ब्रिटेन से ख़रीदे गए 21 फ्रिगेट की जगह उपयोग करना शुरू कर दिया है, क्योंकि इन जहाज़ों ने भी अपना कार्यकाल पूरा कर लिया था.

जून 2017 में, पाकिस्तान ने चीनी नौसेना द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे हथियारों और सेंसर से लैस 054एपी प्रकार के फ्रिगेट का ऑर्डर दिया था.

ब्रोकिंग इंस्टीट्यूट की तरफ़ से जून 2020 में ‘हिंद महासागर में चीन की आकांक्षाएं’ शीर्षक से प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी क्षेत्र के देशों की नौसेना के साथ मिलकर सहयोग क्षमता बढ़ाने के लिए एक व्यापक योजना पर काम कर रही है और इसका मुख्य फ़ोकस हिंद महासागर में आतंकवाद विरोधी कार्रवाई है.

इमेज स्रोत, WWW.INDIANNAVY.NIC.IN/

फरवरी 2021 में, चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी और पाकिस्तान नौसेना ने पाकिस्तान के नेतृत्व में लगातार आठवीं बार नौसैना अभ्यास किया. जिसका मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान नौसेना की क्षमता और ताक़त को क्षेत्र और दुनिया की नौसेना शक्तियों के बराबर लाना और उन्हें संयुक्त कार्य करने में सक्षम बनाना है.

फरवरी 2021 में, अंतिम अभ्यास में, अमेरिका और नेटो सैन्य गठबंधन के कई देशों की नौसेनाओं ने भी भाग लिया था, ताकि इस धारणा को दूर किया जा सके कि पाकिस्तान और चीन की नौसेनाओं के बीच सहयोग को बढ़ाना ही इन अभ्यासों का उद्देश्य था.

हालांकि, चीनी सैन्य शक्ति में वृद्धि पर अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि बाहरी दुनिया में चीनी नौसेना का अगला बेस पाकिस्तान में स्थापित किया जा सकता है. पीएलए का पहला आउटडोर बेस इस समय जिबूती में निर्माणाधीन है, जिसका उद्देश्य पश्चिमी हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री लुटेरों पर नकेल कसना है.

पाकिस्तानी नौसेना के 054 एपी प्रकार के युद्धपोत ख़रीदने और पीएलए नौसेना के साथ संयुक्त नौसैनिक अभ्यास के संदर्भ में, पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा कि पिछले नौसैनिक अभ्यास में, दोनों देशों की नौसेना में पेशेवर मामलों पर चर्चा की गई थी. जिसमें सहयोग प्रक्रिया और समुद्री क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया था.

संचालन प्रशिक्षण से संबंधित गतिविधियां, संयुक्त सत्र, पेशेवर विषयों पर चर्चा और सामाजिक गतिविधियों की भी व्यवस्था की गई है. दोनों देशों की नौसेनाएं अपने सहयोग को विस्तार देने के लिए इन गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगी.

Alex V Dare

Alex V Dare

Hi! I am Alex V Dare. A Software Programmer, Developer, Designer, Blogger, Digital Marketing expert from the past 20+ years in India and across the globe. I am the founder and CEO at Digital India Business, Purnea and have my own commercial applications running in the market these days. If someone wants to hire me for Software Development as they want, Website development, Mobile Applications Development, SEO, SMO, Google Marketing, Facebook Marketing / SMM. You are at the right place. I am also giving the sessions for beginners/learners online in India and across the globe by my Education Global Programme (EGP)  for all. Welcome to all in my sessions. Have a great time :)

Related Posts

msp:-न्यूनतम-समर्थन-मूल्य-(एमएसपी)-क्या-है-और-क्यों-चाहते-हैं-किसान-इसकी-गारंटी

MSP: न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) क्या है और क्यों चाहते हैं किसान इसकी गारंटी

एक घंटा पहलेइमेज स्रोत, RAWPIXEL मोदी सरकार ने संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन तीन विवादित कृषि कानूनों को...

पाकिस्तानी-मॉडल-ने-करतारपुर-गुरुद्वारे-को-लेकर-माँगी-माफ़ी-क्या-है-मामला

पाकिस्तानी मॉडल ने करतारपुर गुरुद्वारे को लेकर माँगी माफ़ी- क्या है मामला

3 घंटे पहलेइमेज स्रोत, Twitterपाकिस्तान में करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब में पाकिस्तानी डिज़ाइनर कपड़ों के विज्ञापन की शूटिंग की...

Next Post

Leave your valuable experience about this Article

RECOMMENDED

Welcome Back!

Login to your account below

Create New Account!

Fill the forms below to register

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

%d bloggers like this: